गोपीश्वर कैलाश मठ

काशी से ब्रज तक एक सेवा दृष्टि।

वृन्दावन में भक्त सेवा, साधना, निवास और आतिथ्य के लिए एक नया केन्द्र।

उद्देश्य

गोपीश्वर कैलाश मठ क्यों?

वृन्दावन में देश-विदेश से भक्त आते हैं। इस आश्रम की परिकल्पना इस भावना के साथ की जा रही है कि ब्रज आने वाले भक्तों को ऐसा स्थान मिले जहाँ वे ठहर सकें, दैनिक आध्यात्मिक जीवन में जुड़ सकें और सेवा का अनुभव कर सकें।

यह परियोजना कैलाश आश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट काशी के अंतर्गत विकसित हो रही है और कैलाश मठ, काशी की सेवा परम्परा को ब्रज में आगे बढ़ाती है।

मन्दिर, निवास, भोजन प्रसाद, गौशाला और सामाजिक कल्याण इसके प्रमुख आयाम हैं।

स्वामी आशुतोषानन्द गिरि जी महाराज
स्वामीजी

स्वामी आशुतोषानन्द गिरि जी महाराज

स्वामी आशुतोषानन्द गिरि जी महाराज कैलाश मठ, काशी से जुड़े वर्तमान महामंडलेश्वर हैं। उनकी आध्यात्मिक यात्रा ज्ञान की खोज से प्रारम्भ होकर हरिद्वार और काशी तक पहुँची।

कैलाश मठ में उन्होंने 14 वर्षों तक न्याय, व्याकरण और वेदांत का अध्ययन किया। NET (JRF) की योग्यता प्राप्त की और कोलकाता स्थित स्वामी विवेकानन्द विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में भी कार्य किया। मार्च 2014 में महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी में संन्यास ग्रहण किया।

राम कथा, भागवत और गीता ज्ञान के माध्यम से उनका आध्यात्मिक कार्य आगे बढ़ता है। गोपीश्वर कैलाश मठ उनकी उस सेवा-दृष्टि का विस्तार है जिसमें भक्तों को ब्रज में निवास, साधना, प्रसाद और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके।

“मानव मन ज्ञान का अनन्त भण्डार है।”
स्वामीजी की विस्तृत जानकारी ↗